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एक्सरसाइज के दौरान भूल जाते हैं सही ब्रीदिंग टेक्निक, फिटनेस इंफ्लूएंसर ने बताई याद रखने की ट्रिक

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Right Breathing Technique: एक्सरसाइज करते समय अक्सर भूल जाती हैं कि कब सांस लेना है और कब छोड़ना? तो इसे याद रखना अब हो जाएगा आसान। फिटनेस इंफ्लूएंसर ने ब्रीदिंग प्रोसेस को याद करने का सरल तरीका बता दिया।

एक्सरसाइज के दौरान सही ब्रीदिंग टेक्निक का पता होना जरूरी है। तभी रिजल्ट पॉजिटिव मिलते हैं। अक्सर लोग भूल जाते हैं कि कब सांस लेना और कब छोड़ना। जिसकी वजह से उनकी एक्सरसाइज खासतौर पर कोर वर्कआउट का सही इफेक्ट नहीं दिखता। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है कि ब्रीदिंग का सही क्रम भूल जाते हैं तो इस फिटनेस इंफ्लूएंसर की ट्रिक को याद कर लें। जिसकी मदद से आपको हमेशा याद रहेगा कि कब सांस लेनी है और कब छोड़नी है।

फिटनेस इंफ्लूएंसर ने शेयर की ब्रीदिंग टेक्निक याद रखने की ट्रिक

एक्सरसाइज के दौरान अगर आप भी अक्सर भूल जाते हैं कि कब सांस लेना है और कब छोड़ना है, तो फिटनेस इंफ्लूएंसर पायल अग्रवाल मुखर्जी की ये ट्रिक आपके काम आ सकती है। जिसकी मदद से आप सांस लेने के सही क्रम को याद रख पाएंगे और आपकी कोर वर्कआउट ज्यादा इफेक्टिव तरीके से बॉडी पर असर दिखाएगी।

क्या है राइट ब्रीदिंग टेक्निक

जब भी कोर वर्कआउट कर रहे हों तो इनहेल और एक्सहेल करने का प्रोसेस मसल्स को रिलैक्स और एक्सपेंड करने के प्रोसेस में मदद करता है। जिससे सही रिजल्ट मिलते हैं। अब आप बार-बार भूल जाते हैं तो पायल के बताए इस तरीके को याद रखें।

बताया कैसे याद रहेगी ब्रीदिंग टेक्निक

पायल बताती हैं कि जब आप एक्सरसाइज कर रहे हों तो कब सांस लेना है और छोड़ना है इसे याद करना भूल जाएं बल्कि बस इस एक रूल को याद रखें। इसे सरल भाषा में समझाते हुए उन्होंने बताया कि जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो दो मूवमेंट होते हैं

पहला प्राइमरी मूवमेंट

और, दूसरा सेंकेडरी या अपोजिट मूवमेंट

उदाहरण के लिए जब ग्लूट ब्रिज एक्सरसाइज करते हैं तो बट को लिफ्ट करना प्राइमरी मूवमेंट होता है और वापस नॉर्मल पोजीशन में जाना सेकेंडरी मूवमेंट या अपोजिट मूवमेंट होता है। इसी तरह से उदाहरण देते हुए समझाया कि टो टैप में भी प्राइमरी मूवमेंट टो को जमीन पर टैप करना है और वापस पोजीशन में आना सेंकेंडरी पोजीशन। तो बस सारी एक्सरसाइज को करते वक्त याद रखना है कि जब भी हम प्राइमरी मूवमेंट करते हैं तो हमें एक्सहेल करना है यानी कि सांस को छोड़ना है। वहीं जब सेकेंडरी मूवमेंट या अपोजिट मूवमेंट करते हैं तो इनहेल करना है यानि को दोबारा से सांस भरनी है। जब आप प्राइमरी मूवमेंट कर रहे हों तो सांस छोड़ते हुए कोर को इंगेज करते हैं। जिससे एक्सरसाइज ज्यादा इफेक्टिव होती है। तो अगली बार जब भी आप एक्सरसाइज कर रहे होंगे तो ब्रीदिंग टेक्निक को याद रखना ज्यादा आसान हो जाएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN