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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
कुछ ही समय में “ईरान पर एक महत्वपूर्ण अपडेट” के साथ जनता को संबोधित
करने वाले हैं.
माना जा रहा है कि वह इस संबोधन में
अमेरिकी सैन्य सफलताओं को दोहराएंगे और जनता को आश्वस्त करेंगे कि ईरान में चल रहा
अभियान आने वाले हफ़्तों में कम या समाप्त हो जाएगा.
इस संबोधन से पहले, बुधवार को ईरान युद्ध से जुड़े घटनाक्रम पर
एक नज़र डालते हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि
युद्ध के एक महीने बाद ईरान में 12,300 से ज़्यादा टारगेट्स पर हमला किया गया है.
उसका कहना है कि इन हमलों में ईरानी जहाज़ों, सैन्य कमांड केंद्रों और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को “नुक़सान
पहुंचाया या नष्ट कर दिया” गया है.
खाड़ी देशों पर ईरानी हमले जारी हैं.
संयुक्त अरब अमीरात और क़तर ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया है, जबकि ब्रिटिश सैनिकों का कहना है कि उन्होंने
जॉर्डन, बहरीन और साइप्रस सहित कई देशों के
हवाई क्षेत्र में ईरान के 10 ड्रोन गिराए हैं.
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि
युद्धविराम की मांग वाली ख़बरें “ग़लत और बेबुनियाद” हैं. ट्रंप के भाषण
से पहले, ईरान के राष्ट्रपति मसूद
पेज़ेश्कियान ने अमेरिकियों के नाम एक खुला पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने इस युद्ध को अपने देश पर “क़ब्ज़ा और हमला”
बताया.
साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका, यूरोप और
खाड़ी के अरब पड़ोसी देशों के आम लोगों के प्रति ईरान की कोई दुर्भावना नहीं है.
यूरोप में ट्रंप की उन टिप्पणियों के
बाद चिंता बढ़ रही है, जिनमें उन्होंने संकेत दिया था कि
अगर सहयोगी देश अमेरिकी सेना के साथ शामिल होने के उनके अनुरोध को नहीं मानते हैं
तो अमेरिका नेटो सैन्य गठबंधन से बाहर हो सकता है.
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