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ईरान युद्ध के बीच ताइवान पर हमला करेगा चीन? द्वीप के पास ही मंडरा रहे युद्धपोत

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान संकट के बीच कई जानकारों को आशंका है कि चीन कहीं ताइवान पर हमला ना कर दे। ताइवान का कहना है कि रविवार को भी चीन के कम से कम 6 युद्धपोत उसके समंदर में देखे गए हैं। हालांकि इस दौरान कोई एयरक्राफ्ट नहीं दिखा। 

ईरान संकट के बीच चीन के ताइवान पर हमला करने की आशंका जानकार पहले से ही जता रहे हैं। इसी बीच चीनी सेना के कुछ युद्धपोत ताइवान के समंदर में देखे गए हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, रविवार को सुबह 6 बजे के आसपास ताइवान के समंदर में 6 PLAN और 1 आधिकारिक चीनी जहाज देखा गया है। स्थिति के मुताबिक प्रतिक्रिया दी गई है। हालांकि इस दौरान कोई चीनी लड़ाकू विमान नहीं देखा गया है।

इससे पहले शनिवार को ताइवान ने कहा था कि उसके आसपास चीन के 8 युद्धपोत और दो एयरक्राफ्ट देखे गए हैं। बता दें कि चीन लंबे समय से ताइवान पर दावा करते आया है। हालांकि ताइवान अब तक अपनी संप्रभुता बचाने में कामयाब है। यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा भी है। 15 मार्च को भी ताइवान ने द्वीप के पास चीनी सैन्य विमानों की जानकारी दी थी।

ताइवान ने कहा था कि शनिवार को मंत्रालय ने द्वीप के आसपास 26 चीनी सैन्य विमानों का पता लगाया, जिनमें से 16 विमान उसके मध्य और दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा क्षेत्र में प्रवेश कर गए। विमानों की संख्या में यह वृद्धि से विश्लेषक यह समझने में असमंजस में पड़ गए कि चीन की सेना आखिर क्या कर रही है।

ताइवान ने 27 फरवरी से पांच मार्च तक एक सप्ताह के दौरान किसी भी चीनी सैन्य विमान के मध्य रेखा को पार करके क्षेत्र में प्रवेश करने की सूचना नहीं दी। छह मार्च को दो मामले सामने आने के बाद, अगले चार दिनों तक कोई मामला नहीं आया। ताइवान की सेना ने पहले संकेत दिया था कि चीनी युद्धक विमानों की गतिविधि में कमी के कारण वह अपनी रक्षा नीति में कोई बदलाव नहीं कर रही है। रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने इससे पहले कहा था कि सैन्य उड़ानों में कमी आने के बावजूद चीन की नौसेना आसपास के जलक्षेत्र में सक्रिय बनी हुई है।

बीते दिनों ताइवान की स्वतंत्रता की मांग करने वाले कार्यकर्ताओं को चीन में कड़ी सजा दी गई थी। राष्ट्रीय संसद सत्र में विचार-विमर्श के लिए जमा की गई रिपोर्ट के अनुसार, चीन में अलगाव रोधी कानून को सख्ती से लागू किया गया है। सुप्रीम पीपुल्स प्रोक्यूरेटोरेट ने उसी दिन समीक्षा के लिए जमा की गई अपनी वर्क रिपोर्ट में कहा कि राष्ट्रीय संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए अलगाववाद को भड़काने के अपराधों के लिए कट्टर “ताइवान की स्वतंत्रता” के अलगाववादियों को कानून के अनुसार सज़ा दी गई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN