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ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिकी बेस पर दाग दी ऐसी मिसाइल, दुनियाभर में मचा हड़कंप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Iran America War Update: ईरान ने चार हजार किलोमीटर दूर अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिससे हड़कंप मच गया। पैसिफिक फोरम के यूरोप-स्थित सीनियर फेलो विलियम अल्बर्क ने कहा कि किसी ने भी यह अंदाजा नहीं लगाया था कि ईरान के पास इतनी मारक क्षमता वाली मिसाइलें हैं।

Iran America War Update: ईरान ने शुक्रवार को हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया द्वीप में मौजूद अमेरिका और ब्रिटेन के साझा मिलिट्री बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले से ईरान की ऐसी मिसाइल क्षमता का पता चला है, जो अब तक तेहरान के पास मौजूद मानी जाने वाली क्षमता से कहीं ज्यादा है। इस हमले से ईरान ने सबको चौंका दिया है और पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर न्यूज एजेंसी ‘ब्लूमबर्ग’ को बताया कि इस बेस को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। यह एक रणनीतिक एयरफील्ड है, जहां B-2 स्टेल्थ बॉम्बर विमानों को रखा जा सकता है। यह बेस ईरान से लगभग 2,500 मील (4,000 किलोमीटर) की दूरी पर स्थित है। तीन हफ्तों से चल रहे इस युद्ध में यह पहला मौका था, जब तेहरान द्वारा इतनी लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों का इस्तेमाल किए जाने की खबर सामने आई है।

शुक्रवार को हुआ यह हमला

प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार द्वारा अमेरिका को डिएगो गार्सिया समेत ब्रिटेन के अन्य बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दिए जाने के कुछ ही घंटों पहले यह हमला हुआ था। सरकार ने अमेरिका को कुछ खास और सीमित रक्षात्मक अभियानों के लिए इन बेस का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सरकार के इस कदम की आलोचना की है। डिएगो गार्सिया का सीधे तौर पर जिक्र किए बिना, ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने तेहरान के ‘लापरवाह हमलों’ की आलोचना की और उन्हें ब्रिटिश हितों और ब्रिटिश सहयोगियों के लिए खतरा बताया।

यूरोप भी मिसाइल की जद में

लगभग 2,500 मील की मारक क्षमता वाले हथियार, लंदन और पेरिस सहित यूरोप के बड़े शहरों को ईरान से होने वाले हमले के खतरे में डाल देंगे। फिर भी, यह साफ नहीं है कि तेहरान के पास इस तरह की और भी इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें हैं या नहीं। पैसिफिक फोरम के यूरोप-स्थित सीनियर फेलो विलियम अल्बर्क ने कहा, “किसी ने भी यह अंदाजा नहीं लगाया था कि ईरान के पास इतनी मारक क्षमता वाली मिसाइलें हैं।” उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि शायद उन्होंने किसी संशोधित मिसाइल का इस्तेमाल किया है। हो सकता है कि वह कोई प्रोटोटाइप हो।” इससे यह संकेत मिलता है कि तेहरान के पास अभी भी ऐसे भंडार या वर्कशॉप मौजूद हैं, जहां इस तरह के बदलाव किए जा सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN