Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खतरनाक हो होता जा रहा है। अमेरिका ने कम से कम 2500 मरीन सैनिकों और एक युद्धपोत को पश्चिमी एशिया की ओर रवाना कर दिया है। अमेरिका इस पूरे क्षेत्र में सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है।
अमेरिका के लगभग 2,500 मरीन सैनिक और कम से कम एक युद्धपोत पश्चिम एशिया की ओर रवाना हो रहे हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को यह जानकारी दी। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने कहा कि 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट और युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली को पश्चिम एशिया जाने का आदेश दिया गया है। इस कदम से क्षेत्र में सैनिकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी।
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मोजतबा खामेनेई पर इनाम की घोषणा
अमेरिका ने ईरान के नए शीर्ष नेतृत्व और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अधिकारियों के खिलाफ शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ‘रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम के तहत ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई समेत कई प्रमुख नेताओं की जानकारी देने वाले को 10 मिलियन डॉलर (लगभग एक करोड़ डॉलर) तक के इनाम की घोषणा की है।
अमेरिकी नोटिस में विशेष रूप से उन अधिकारियों को लक्षित किया गया है जो ईरान की सत्ता और सैन्य तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस सूची में मोजतबा खामेनेई के अलावा अन्य लोगों में अली असगर हेजाजी: डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ; मेजर जनरल यहया रहीम सफावी: सैन्य सलाहकार; अली लारीजानी: सलाहकार; ब्रिगेडियर जनरल एस्कंदर मोमेनी: आंतरिक मामलों के मंत्री ;इस्माइल खतीब: खुफिया और सुरक्षा मंत्री शामिल हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये व्यक्ति इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के विभिन्न अंगों का संचालन करते हैं, जो दुनिया भर में “आतंकवाद की योजना बनाने और उसे अंजाम देने” का काम करता है। सोशल मीडिया’ पर साझा किए गए इस नोटिस में अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले व्यक्ति को न केवल नकद पुरस्कार दिया जाएगा, बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बसाने की सुविधा भी मिल सकती है। यह कदम हाल ही में आयतुल्लाह अली खामेनेई और अन्य शीर्ष ईरानी अधिकारियों की मौत के बाद जारी सैन्य अभियानों की पृष्ठभूमि में उठाया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले कई जहाजों के फंसे होने के बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने शुक्रवार को कहा कि “हम इस मुद्दे को हल करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे।” यहां एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत करते हुए फताली ने कहा, “ईरान और भारत मित्र हैं। हमारे हित समान हैं, हमारे विश्वास समान हैं।’
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