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ईरान के विदेश मंत्री 24 घंटे के अंदर दोबारा इस्लामाबाद पहुंचे, ट्रंप ने कहा- युद्ध जल्द ख़त्म होगा

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Source :- BBC INDIA

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची

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37 मिनट पहले

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़जी 24 घंटे से भी कम वक़्त में पाकिस्तान वापस लौट गए हैं. अराग़ची शनिवार को ही इस्लामाबाद से ओमान गए थे. रविवार को मस्कट में उन्होंने ओमान के सुल्तान और अन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी.

तय कार्यक्रम के अनुसार, अब्बास अराग़ची इस्लामाबाद में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मास्को के लिए रवाना होंगे.

इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर कहा कि ‘ईरान के साथ युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा और उनका देश जीत हासिल करेगा.’ ट्रंप ने यह भी कहा, “ईरानी बात करना चाहते हैं, तो वे संवाद कर सकते हैं.”

इससे पहले शनिवार को ट्रंप ने पाकिस्तान में ईरान जंग पर होने वाली संभावित अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की बैठक रद्द कर दी. यह फ़ैसला उस समय लिया गया जब ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद से निकल चुका था.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुश्नर का इसमें ‘बहुत ज़्यादा समय बर्बाद’ होगा. साथ ही ये भी कहा कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो ‘उन्हें बस फोन करना होगा.’

इस बीच बीबीसी की अरबी सेवा की एक ख़बर के अनुसार, पाकिस्तान में सरकारी सूत्रों ने रविवार को रॉयटर्स को बताया कि अमेरिकी सेना ने इस्लामाबाद से सुरक्षा उपकरण हटा लिए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि जल्द ही बातचीत के लिए कोई अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल लौटने की संभावना नहीं है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की थी कि उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है.

रविवार को दोबारा इस्लामाबाद पहुंचने के बाद अब्बास अराग़ची ने पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाक़ात की.

बीबीसी उर्दू के विश्लेषण के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अमेरिका के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू करने के लिए अपनी सरकार द्वारा प्रस्तावित रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे.

हालांकि इससे पहले जब राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूतों की इस्लामाबाद यात्रा को रद्द किया था तो उनका कहना था कि इसका मतलब शत्रुता से नहीं लगाया जाना चाहिए.

क़तर, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों से बात की

रविवार को मस्कट में अब्बास अराग़ची

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ईरानी विदेश मंत्री ने संघर्ष विराम और राजनयिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्रियों के साथ टेलीफ़ोन पर बातचीत की.

अराग़ची और मिस्र के उनके समकक्ष बद्र अब्देल अत्ती ने कूटनीति, अमेरिका-इसराइल युद्ध में संघर्ष विराम और क्षेत्र में ताज़ा घटनाक्रमों पर चर्चा की.

अब्बास अराग़ची ने तुर्की के विदेश मंत्री हकन फ़िदान से भी फ़ोन पर बात की और उन्हें संघर्ष विराम से जुड़े ताजा घटनाक्रमों और कूटनीतिक प्रयासों के बारे में जानकारी दी.

उधर, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फ़िदान ने अमेरिकी वार्ताकारों और उनके ईरानी और पाकिस्तानी समकक्षों के साथ वार्ता के दौरान हुई प्रगति पर चर्चा की.

तुर्की के विदेश मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फ़िदान ने अमेरिकी वार्ताकारों के साथ फ़ोन पर बातचीत की, जिसमें उन्होंने ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच वार्ता में नवीनतम घटनाक्रम पर चर्चा की.

दो अलग-अलग फ़ोन कॉल में, फ़िदान ने अराग़ची और पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक़ डार के साथ ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता पर भी चर्चा की.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने क़तर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फ़रहान के साथ फ़ोन पर बातचीत की है.

ईरान के विदेश मंत्रालय मंत्रालय ने कहा कि क़तर और सऊदी अरब के अपने समकक्षों के साथ भी बातचीत की है.

अमेरिका ने ईरानी ‘शैडो फ़्लीट’ के एक और जहाज़ को रोका

सेंटकॉम के अनुसार, नाकाबंदी शुरू होने के बाद से 37 जहाज़ों को मोड़ दिया गया

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अमेरिकी सेंटकॉम ने कहा कि शनिवार को उसके बलों ने एक कॉमर्शियल जहाज़ को रोका जो ईरान पर लगाई गई नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था.

सेंटकॉम के अनुसार, ‘सिवान’ नामक यह जहाज 19 जहाज़ों के एक ‘शैडो फ़्लीट’ का हिस्सा है, जिन पर ईरानी तेल और गैस को विदेशी बाज़ोंरों में ले जाने का संदेह है.

सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के एक हेलीकॉप्टर ने अरब सागर में जहाज़ को रोका. अमेरिकी सेना के निर्देशों के बाद जहाज़ को ईरान लौटने का निर्देश दिया गया है.

सेंटकॉम का कहना है कि ‘शैडो फ्लीट’ के जहाज़ों पर अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा प्रतिबंध लगाए गए हैं क्योंकि उन्होंने अरबों डॉलर मूल्य के ईरानी ऊर्जा उत्पादों, जिनमें प्रोपेन और ब्यूटेन शामिल हैं, के परिवहन में भूमिका निभाई है.

सेंटकॉम के अनुसार, नाकाबंदी शुरू होने के बाद से 37 जहाज़ों को मोड़ दिया गया.

प्रतिरोध मोर्चा पहले से और मज़बूत- इस्माइल क़ानी

इस्माइल क़ानी

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आईआरजीसी की कुद्स फ़ोर्स के कमांडर इस्माइल क़ानी ने एक बयान जारी कर कहा है, “प्रतिरोध मोर्चे पर एकता और तालमेल पहले से कहीं अधिक मजबूत और एकजुट है.”

क़ानी ने दक्षिणी लेबनान में हिज़्बुल्लाह और इसराइल के बीच हुई झड़पों के बारे में कहा कि इसराइल ने “हाल के दशकों में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करके कोई भी युद्ध समाप्त नहीं किया है.”

उन्होंने कहा कि ईरान ‘हिज़्बुल्लाह और प्रतिरोध मोर्चे के अन्य घटकों का समर्थन करने’ पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.

ग़ौरतलब है कि रविवार को इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि हिज़्बुल्लाह की कार्रवाइयां इसराइल-लेबनान युद्धविराम के लिए ख़तरा हैं और उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इसरायल उन्हें “दृढ़तापूर्वक” निशाना बनाएगा.

नेतन्याहू ने कहा, “हम बलपूर्वक और अमेरिका और लेबनान के साथ हुए समझौतों के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं.”

‘आठ महीने तक क़ीमतें बढ़ सकती हैं’

कीएर स्टार्मर

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि ईरान जंग ख़त्म होने के बाद भी आठ महीने तक ऊर्जा, भोजन और हवाई टिकट की बढ़ती क़ीमतों का सामना करना पड़ सकता है.

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ डैरेन जोन्स ने बीबीसी को बताया कि सरकार इन सभी मुद्दों पर विचार कर रही है और संभावित खाद्य और ईंधन की कमी के असर को कम करने के लिए अपनी योजनाओं को तेज़ कर दिया है.

लगभग तीन सप्ताह पहले, सरकारी अधिकारियों ने जंग जारी रहने की स्थिति में गर्मियों तक संभावित खाद्य पदार्थों की कमी होने का अनुमान लगाया था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

SOURCE : BBC NEWS