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ईरानी पुल पर अमेरिकी हमले के बाद ‘जंग का समर्थन करने वाले’ ईरानी लोग बीबीसी से क्या बोले

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Source :- BBC INDIA

ईरान पर अमेरिकी-इसराइली हमला

इमेज स्रोत, Majid Saeedi/Getty

ईरान के एक पुल पर अमेरिकी हमले के
बाद मैंने ईरानी लोगों से बातचीत की है.

इंटरनेट बंद होने के बीच ईरान के
अंदर लोगों से संपर्क करना अब भी बहुत मुश्किल है, लेकिन कुछ लोग स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट और अन्य तरीक़ों से
जुड़ने में कामयाब हुए हैं, हालांकि
इसकी क़ीमत काफ़ी ज़्यादा है.

ईरान में स्टारलिंक का इस्तेमाल करना या उसे
रखना दो साल तक की जेल की सज़ा दिला सकता है.

जिन लोगों से मैंने ईरान के अंदर
बात की, वे मौजूदा सत्ता के ख़िलाफ़ हैं.

मैंने तेहरान में रहने वाली 20 साल
की एक महिला से कराज में एक पुल पर हुए हमले के बारे में उनकी भावनाएं जाननी चाही.
वॉइस मैसेज के बीच में ही वह रोने लगीं.

उन्होंने कहा, “मैं बेबस महसूस कर रही हूँ. (ट्रंप) बेशर्मी से
हमारे पुल पर हमले के बारे में पोस्ट कर रहे हैं. मुझे नहीं पता यह कहाँ तक जाएगा.
कोई उनके ख़िलाफ़ खड़ा क्यों नहीं हो रहा है. वह सच में हमें पाषाण युग में वापस
ले जा रहे हैं.”

तेहरान में रहने वाले 20 साल के एक
शख़्स ने कहा, “हम एक बर्बाद देश बन जाएंगे. मुझे इस
बात का ज़्यादा दुख और निराशा है कि मैं ऐसी स्थिति में हूँ जहाँ मैं ईरान को
बर्बाद होते देख रहा हूँ और कुछ नहीं कर पा रहा हूँ. मेरा देश हर दिन और ज़्यादा
तबाह हो रहा है.”

कराज में पुल पर हुए हमले ने एक
स्थानीय निवासी को चिंतित कर दिया है. 20 साल के इस शख़्स ने ख़ुद को “युद्ध
का समर्थक” बताया.

उन्होंने कहा, “वह पुल शहर में ट्रैफ़िक कम कर सकता था… उसे नष्ट
कर दिया गया. इस हमले ने मुझे चिंता में डाल दिया है. मुझे नहीं पता उन्होंने इसे
क्यों निशाना बनाया.”

तेहरान में रहने वाली 40 साल की एक
महिला ने कहा, “मुझे सच में हैरानी हुई कि उन्होंने
एक पुल पर हमला किया… लेकिन मुझे लगता है इसके पीछे कोई वजह होगी.”

इस महिला ने भी ख़ुद को “युद्ध
समर्थक” बताया.

कराज स्थित ब्रिज पर हुआ अमेरिकी हमला

इमेज स्रोत, X/@araghchi

जिस ईरानी पुल पर हमला हुआ उसके बारे
में जानिए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
गुरुवार को ईरान के बी1 ब्रिज पर हमले की घोषणा की. यह ब्रिज हाल ही में बना,
जो कराज शहर को राजधानी तेहरान से जोड़ता था.

बी1 ब्रिज अभी यातायात के लिए खुला
नहीं था. इसे मध्य-पूर्व के सबसे ऊंचे पुलों में से एक बताया गया है.

ईरान के सरकारी मीडिया की एक रिपोर्ट
के अनुसार, इसकी लंबाई 1050 मीटर है और इसमें
136 मीटर ऊंचे खंभे हैं.

हमले के समय यह पुल निर्माणाधीन था
और ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि इस हमले में आठ लोगों की मौत हुई और कई अन्य
घायल हुए.

SOURCE : BBC NEWS