इथियोपिया ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उसे इरिट्रिया की सेनाओं द्वारा किए जा रहे “पूर्ण पैमाने के आक्रमण” से अपना बचाव करना होगा। यह बयान इथियोपिया के उत्तरी क्षेत्रों में इरिट्रिया की सैन्य घुसपैठ की अपुष्ट खबरों के बाद आया है। यह रुख शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को भेजे गए एक औपचारिक पत्र में व्यक्त किया गया।
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## इथियोपियाई सरकार ने जताई चिंता
इथियोपिया के विदेश मंत्री गिडियन टिमोथेवोस ने यह चेतावनी तब जारी की, जब इथियोपियाई खुफिया जानकारी में संकेत मिला कि इरिट्रिया के सैनिक इथियोपिया के भीतर काफी अंदर तक घुस आए हैं और उत्तरी क्षेत्र में 60 किलोमीटर (37 मील) तक आगे बढ़ गए हैं। उन्होंने इरिट्रिया की मशीनीकृत सैन्य इकाइयों की मौजूदगी को खुले तौर पर आक्रामक कार्रवाई बताया, जिससे इथियोपिया को आत्मरक्षा का अधिकार प्राप्त होता है।
गुरुवार को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो को संबोधित और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अन्य सदस्यों को भी भेजे गए पत्र में इरिट्रिया की सेनाओं की तत्काल वापसी की मांग की गई। दस्तावेज में कहा गया है, “इरिट्रिया द्वारा उत्तरी इथियोपिया के कुछ हिस्सों पर किया गया पूर्ण पैमाने का आक्रमण सार्वजनिक रूप से दर्ज तथ्य है।”
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## इरिट्रिया ने आरोपों से किया इनकार
जवाब में इरिट्रिया के सूचना मंत्री येमाने गेब्रेमेस्केल ने आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अदीस अबाबा इरिट्रिया के खिलाफ आक्रामक रणनीति को उचित ठहराने के लिए आक्रमण की खबरें गढ़ रहा है।
इससे पहले, इथियोपिया ने इरिट्रिया पर 23 सितंबर से संघीय सरकार की सेनाओं के खिलाफ युद्ध कर रहे विद्रोही गठबंधन का समर्थन करने का आरोप लगाया था। इरिट्रिया ने इन दावों को खारिज किया है।
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## सीमा पर संघर्ष बढ़ने के संकेत
तनाव उन खबरों के बाद बढ़ा है, जिनमें उत्तरी इथियोपिया में इरिट्रिया के सैनिकों को इरिट्रिया की सीमा से लगभग 30 किलोमीटर (19 मील) दूर स्थित अदिग्रात के पास देखे जाने की बात कही गई है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में गिरावट के बीच प्रत्यक्षदर्शियों ने उन्हें सप्ताह की शुरुआत में देखा था।
इस बीच, अमेरिका स्थित निगरानी समूह ACLED ने कहा कि बुधवार और गुरुवार को अदिग्रात के पास पीछे हट रही इरिट्रिया की सेनाओं को ड्रोन हमलों में निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि ये हमले इथियोपियाई सेना ने किए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि शहर के बाहर रातभर और सुबह तक लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं।
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## ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और जारी तनाव
इथियोपिया और इरिट्रिया के बीच 2018 के समझौते के जरिए दशकों से चली आ रही दुश्मनी समाप्त होने के बाद बनी नाजुक शांति अब दबाव में है। 2020–2022 के टिग्रे युद्ध के दौरान इरिट्रिया ने इथियोपिया की संघीय सरकार का समर्थन किया था, लेकिन समुद्र तक पहुंच हासिल करने की इथियोपिया की घोषित महत्वाकांक्षा को लेकर तनाव फिर बढ़ गया है।
1993 में इरिट्रिया की स्वतंत्रता के बाद इथियोपिया की समुद्र तक पहुंच समाप्त हो गई और वह स्थलरुद्ध देश बन गया। अदीस अबाबा लंबे समय से इसे अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा बताता रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि वह कूटनीति के जरिए लाल सागर तक पहुंच हासिल करना चाहती है, लेकिन इरिट्रिया इन महत्वाकांक्षाओं को संदेह की नजर से देखता है और इन्हें अपनी संप्रभुता के लिए संभावित खतरे के रूप में समझता है।
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## आगे की स्थिति का क्या मतलब है
जैसे-जैसे इथियोपिया अंतरराष्ट्रीय समझ और एकजुटता की अपील कर रहा है, क्षेत्र में सीधे संघर्ष की खतरनाक आशंका बढ़ रही है। स्वतंत्र पर्यवेक्षकों द्वारा इन आरोपों की अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं की गई है और इरिट्रिया लगातार इस बात से इनकार कर रहा है कि उसकी सेनाओं ने सीमा पार की।
फिलहाल, दोनों देशों ने बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज कर दिए हैं तथा अंतरराष्ट्रीय ध्यान हॉर्न ऑफ अफ्रीका में बदलते घटनाक्रम पर केंद्रित है। ड्रोन हमलों, सैनिकों की आवाजाही और राजनयिक संबंधों में आए संकट की खबरें स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। 9 अक्टूबर 2026 तक दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये तनाव व्यापक युद्ध में बदल जाएगा।
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