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आखिरी चेतावनी है, वरना… होर्मुज में ईरान की धमकी से भाग खड़ा हुआ अमेरिकी जंगी जहाज; देखें VIDEO

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान की क्रूज मिसाइलों ने अमेरिकी विध्वंसक जहाजों को निशाना लगभग बना लिया था और हमलावर ड्रोन भी तैनात कर दिए गए थे, जिसके चलते अमेरिकी जहाजों को 30 मिनट की समय-सीमा के भीतर पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।

Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों में एक बार फिर से युद्ध शुरू होने का खतरा मंडराने लगा है। फिलहाल, दो हफ्तों का युद्धविराम है, लेकिन यह कब तक चलेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता, क्योंकि दोनों ही देश एक-दूसरे पर हमलावर हैं। इस बीच, ईरान ने रविवार को दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में एक अमेरिकी जहाज को खदेड़ दिया। ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाज को देखते ही कहा कि आखिरी चेतावनी है, वरना अगर जहाज पीछे नहीं हटा तो हमला कर देंगे। इसके बाद अमेरिकी नेवी का जहाज वहां से भाग खड़ा हुआ।

अमेरिका ने होर्मुज में ईरान द्वारा बिछाई गईं बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए अमेरिका ने जंगी जहाज भेजे थे। इस पर ईरान भड़क गया था और इन जहाजों को दूर रहने के लिए कहा था। वहीं, रविवार को ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर ‘प्रेस टीवी’ ने उच्च-स्तरीय सैन्य-सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि उसकी क्रूज मिसाइलों ने अमेरिकी विध्वंसक जहाजों को निशाना लगभग बना लिया था और हमलावर ड्रोन भी तैनात कर दिए गए थे, जिसके चलते अमेरिकी जहाजों को 30 मिनट की समय-सीमा के भीतर पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।

ईरानी सेना ने दावा किया कि अमेरिकी जंगी जहाज को चेतावनी दी और कहा कि यह आखिरी वॉर्निंग है। हम हमला करने के लिए तैयार हैं। इसके तुरंत बाद अमेरिकी जहाज वहां से पीछे हटने लगा। उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान में ईरान के साथ शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद, अमेरिकी नौसेना होर्मुज में जहाजों के प्रवेश या निकास को रोकने के लिए तत्काल नाकेबंदी शुरू करेगी।

ईरान को खत्म करने को तैयार है अमेरिका

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ”नौसेना को निर्देश दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान को शुल्क (टोल) चुकाने वाले प्रत्येक जहाज की तलाश करे और उसे रोके। अवैध टोल चुकाने वाले किसी को भी समुद्र में सुरक्षित आवागमन की अनुमति नहीं होगी।” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में हुई वार्ता में कोई समझौता नहीं होने के बाद अमेरिका उपयुक्त समय पर ईरान को खत्म करने को तैयार है। बता दें कि पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की ऐतिहासिक वार्ता में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता नहीं हो सका, जिससे दो सप्ताह के लिए लागू नाजुक युद्धविराम का भविष्य अब अधर में है। दोनों पक्ष वार्ता विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। इस्लामाबाद में हुई वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपना ‘अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव’ प्रस्तुत किए जाने के बावजूद ईरानी पक्ष ने युद्ध समाप्ति के लिए वाशिंगटन की शर्तों को स्वीकार नहीं किया। वेंस ने कहा कि शांति समझौता नहीं होने का मुख्य कारण तेहरान द्वारा अपने परमाणु कार्यक्रम को नहीं छोड़ना था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN