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अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ रूस दे रहा तेहरान को खुफिया जानकारी; ईरान युद्ध के बीच EU का बड़ा दावा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक एवं विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने रूस पर ईरान से मिलीभगत और अमेरिकियों को मारने के उद्देश्य से ईरान को खुफिया सहायता प्रदान करने का आरोप लगाया है।

यूरोपीय संघ (EU) की शीर्ष राजनयिक एवं विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उपाध्यक्ष काजा कल्लास ने रूस पर ईरान से मिलीभगत और ‘अमेरिकियों को मारने’ के उद्देश्य से ईरान को खुफिया सहायता प्रदान करने का आरोप लगाया है। पेरिस के पास जी-7 की बैठक में पत्रकारों से बात करते हुए कल्लास ने कहा कि हम देख रहे हैं कि रूस अमेरिकियों को निशाना बनाने और उन्हें मारने के लिए ईरान की खुफिया मदद कर रहा है। रूस अब ईरान को ड्रोन से भी समर्थन दे रहा है, ताकि वे पड़ोसी देशों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकें।

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ये युद्ध आपस में बहुत अधिक जुड़े हुए हैं… यदि अमेरिका चाहता है कि पश्चिम एशिया में युद्ध रुके और ईरान उन पर हमले बंद करे, तो उन्हें रूस पर भी दबाव बनाना चाहिए, ताकि वे उनकी मदद करने में सक्षम न रहें।

कल्लास की यह टिप्पणी ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली के इसी तरह के दावे के कुछ घंटों बाद आयी है। अपने दावों के समर्थन में ब्रिटिश खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए हीली ने कहा कि रूस ने न केवल ईरान को गुप्त रूप से खुफिया जानकारी प्रदान की है, बल्कि युद्ध शुरू होने से पहले उसके सैनिकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह ईरान के युद्ध प्रयासों के पीछे ‘पुतिन का छिपा हाथ’ देख रहे हैं।

अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने भी मॉस्को पर सीधे तौर पर तेहरान की सहायता करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि रूस पश्चिमी एशिया में अमेरिकी ठिकानों के संबंध में ईरान को खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह जानकारी युद्ध के छठे दिन ही ईरान को दे दी गयी थी, जिसके बाद कुवैत में एक प्रतिष्ठान पर ईरानी हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गये थे।

ईरान के साथ रूस के कथित खुफिया साझाकरण सहयोग के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ‘भली-भांति जानते हैं कि कौन किससे बात कर रहा है’ और ‘जो कुछ भी नहीं होना चाहिए, चाहे वह प्रत्यक्ष हो या परोक्ष, उसका कड़ाई से सामना किया जा रहा है’।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN