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अमेरिका और इजरायल नहीं तो कौन, ईरान के स्कूल पर हमला कर 160 बच्चियों को किसने मारा?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों का सिलसिला छठे दिन भी जारी है। इस बीच सबसे दिल दहला देने वाली घटना दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में शजारेह तैयबेह बालिका प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले की है, जिसमें ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार 160 से अधिक लोग मारे गए।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों का सिलसिला छठे दिन भी जारी है। इस बीच सबसे दिल दहला देने वाली घटना दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में शजारेह तैयबेह बालिका प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले की है, जिसमें ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार 160 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर छोटी बच्चियां शामिल हैं। ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को सीधे जिम्मेदार ठहराया है। हमला 28 फरवरी को शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुआ, जब स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं। ईरान में स्कूल सप्ताह शनिवार से गुरुवार तक चलता है, इसलिए उस समय स्कूल में सैकड़ों बच्चियां मौजूद थीं। हमले में स्कूल की इमारत आंशिक रूप से ध्वस्त हो गई, और मलबे में दबकर कई बच्चियां मौत के मुंह में समा गईं।

ईरानी राज्य मीडिया ने शोक सभाओं और अंतिम संस्कार की दिल दहला देने वाली तस्वीरें जारी की हैं, जिसमें सफेद कफन में लिपटे छोटे-छोटे शवों के साथ रोते-बिलखते माता-पिता और हजारों लोग नजर आ रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री और अन्य अधिकारियों ने इसे ‘नरसंहार’ और ‘युद्ध अपराध’ करार दिया है। यूनेस्को और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत किसी शैक्षणिक संस्थान पर जानबूझकर हमला युद्ध अपराध माना जाता है।

दूसरी ओर, अमेरिकी और इजरायली पक्ष ने स्कूल पर हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया है। अमेरिकी रक्षा विभाग और वाइट हाउस ने कहा है कि वे इस घटना की जांच कर रहे हैं। वाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि हमारी जानकारी में अमेरिका ने स्कूल को निशाना नहीं बनाया। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी दोहराया कि हम कभी नागरिक ठिकानों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाते, लेकिन जांच जारी है।

वहीं, इजरायल के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि कुछ रिपोर्टों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा ही स्कूल को निशाना बनाने की बात कही गई है, हालांकि ईरान इसे सिरे से खारिज कर रहा है। इजरायली सेना ने कहा कि उन्हें उस क्षेत्र में किसी हमले की जानकारी नहीं है।

बता दें कि यह हमला उसी दिन हुआ जब अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे गए। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि ऑपरेशन जारी रह सकता है, लेकिन स्कूल हमले पर अभी स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN