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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ट्रंप का 15 साल पुराना पोस्ट वायरल, 2011 में क्या कहा था?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट फिर से चर्चा में आ गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट फिर से चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 2011 की एक पोस्ट में ट्रंप को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधते हुए देखा जा सकता है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा था कि चुनाव जीतने के लिए बराक ओबामा ईरान के साथ युद्ध शुरू कर देंगे।

यह पोस्ट ऐसे समय में दोबारा वायरल हो रही है जब तेहरान और वाशिंगटन युद्ध के कगार पर खड़े नजर आ रहे हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध हफ्तों तक चल सकता है और यह एक पूर्ण पैमाने का युद्ध होगा, न कि जनवरी में वेनेजुएला में किया गया सटीक हमला जैसा। खबरों के मुताबिक, वाशिंगटन इस सप्ताह के अंत तक तेहरान पर हमला करने पर विचार कर रहा है, हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप के अंतिम फैसले का इंतजार है। अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में अपनी हवाई और नौसैनिक ताकत को लगातार बढ़ा रही है।

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति बढ़ने से तनाव और गहरा गया है। इस बीच, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा है कि कोई भी देश ईरान को उसके परमाणु संवर्धन (यूरेनियम संवर्धन) के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता। इस्लामी ने कहा कि परमाणु उद्योग का आधार संवर्धन है। परमाणु प्रक्रिया में आप जो भी करना चाहें, उसके लिए परमाणु ईंधन की जरूरत होती है।

उन्होंने आगे कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों के अनुसार चल रहा है, और कोई भी देश ईरान को इस तकनीक से शांतिपूर्ण तरीके से लाभ उठाने के अधिकार से वंचित नहीं कर सकता।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संगठन आईएईए के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने ब्लूमबर्ग को बताया कि मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य निर्माण से संकेत मिलता है कि ईरान की परमाणु गतिविधियों पर राजनयिक समझौते तक पहुंचने का अवसर खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समय बहुत कम है लेकिन हम कुछ ठोस कदम उठाने पर काम कर रहे हैं। ग्रॉसी ने आगे कहा कि आईएईए ने कुछ समाधान प्रस्तावित किए हैं।

अमेरिका से समझौता करने में ही है ईरान की भलाई

दूसरी ओर वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का किसी भी देश के साथ समझौता करने के लिए पहला विकल्प कूटनीति होता, इसलिए ईरान को अमेरिका के साथ नए समझौते पर बातचीत करना चाहिए। गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा बहुत स्पष्ट रहे हैं। ईरान या दुनिया के किसी भी देश के मामले में कूटनीति हमेशा उनका पहला विकल्प होता है और ईरान के लिए राष्ट्रपति ट्रंप और इस प्रशासन (अमेरिकी प्रशासन) के साथ समझौता करना बहुत समझदारी भरा कदम होगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN