Source :- BBC INDIA
इमेज स्रोत, EPA/Shutterstock
- ट्रंप ने कहा, अमेरिका ‘बहुत जल्द’ ईरान से बाहर निकल जाएगा
- ट्रंप के मुताबिक़ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ‘दो या तीन हफ़्तों’ में ही हो सकती है ख़त्म
- ट्रंप का दावा- ‘ईरान में हो चुका है सत्ता परिवर्तन, नए नेता ज़्यादा तर्कसंगत’
- ट्रंप का दावा- ‘ईरान कर रहा है समझौते की गुहार’
- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा- ‘लड़ाई ख़त्म करने के लिए तैयार लेकिन अमेरिका को फ़ौरन रोकने होंगे हमले’
- पेज़ेश्कियान ने कहा- ‘भविष्य में ईरान पर हमले ना करने की देनी होगी गारंटी’
- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की गूगल, मेटा और एपल समेत 18 अमेरिकी कंपनियों को धमकी
- आईआरजीसी ने कहा- ‘इन अमेरिकी कंपनियों ने मिडिल ईस्ट में काम बंद ना किया तो बनाएंगे निशाना’
2 घंटे पहले
पढ़ने का समय: 5 मिनट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका ‘दो या तीन हफ़्तों’ के भीतर ईरान से बाहर निकल जाएगा.
उन्होंने कहा कि उनका ‘एक ही लक्ष्य’ था- ईरान किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल न कर सके, और उनके मुताबिक़ यह लक्ष्य ‘अब हासिल कर लिया गया है’.
उन्होंने कहा, “हम ईरान में अपने काम को अंतिम रूप दे रहे हैं. अमेरिका शायद दो हफ़्तों के भीतर, या काम पूरा करने के लिए उससे कुछ दिन ज़्यादा रुककर ईरान से निकल जाएगा.”
ट्रंप ने कहा, “हम उनकी हर एक चीज़ को पूरी तरह ख़त्म करना चाहते हैं, हालाँकि यह भी संभव है कि उससे पहले कोई समझौता हो जाए.”
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच डील की संभावना बनी हुई है, लेकिन अगर ईरान बातचीत की मेज़ पर आता भी है, तो “इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता.”
उन्होंने ये बातें तब कहीं जब एक पत्रकार ने अमेरिका में बढ़ती गैस क़ीमतों और उन्हें कम करने की उनकी योजना के बारे में सवाल किया.
इस पर ट्रंप ने कहा, “इसके लिए मुझे सिर्फ़ ईरान से बाहर निकलना होगा और हम बहुत जल्द ऐसा करने जा रहे हैं. हम बहुत जल्द वहाँ से निकल जाएंगे.”
‘ईरान में हो चुका है सत्ता परिवर्तन’
शॉर्ट वीडियो देखिए
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान में ‘सत्ता परिवर्तन हो चुका है’.
उनके मुताबिक़, ईरान के नए नेता पहले के नेताओं की तुलना में ‘काफ़ी कम कट्टरपंथी’ और ‘ज़्यादा तर्कसंगत’ हैं.
उन्होंने आगे कहा कि अगर फ़्रांस या कोई दूसरा देश तेल चाहता है, तो वह होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर जा सकता है और अपना तेल ख़ुद लेकर आ सकता है. अमेरिका को उससे कोई लेना-देना नहीं.
उन्होंने ईरान में जारी सैन्य अभियान के बारे में कहा कि अमेरिका ‘पूरी तरह बिना किसी रोक-टोक के’ कार्रवाई कर रहा है और ‘सब कुछ तबाह कर दिया गया है.’
उन्होंने कहा कि ईरानी शासन के पास अब हवाई सुरक्षा (एंटी-एयरक्राफ़्ट) भी नहीं बची है.
ट्रंप का दावा है, “वे कोई मुक़ाबला नहीं कर रहे हैं. वे हम पर गोली तक नहीं चला रहे हैं.”
इसके पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका सैन्य साजो-सामान पूरी तरह तबाह हो चुका है और अब उनके पास चलाने के लिए कुछ बचा ही नहीं है.
उन्होंने दोहराया कि ईरान के पास अब न नौसेना बची है और न ही प्रभावी सैन्य ताक़त.
ट्रंप ने कहा, “वे हार रहे हैं. वे ख़ुद मान रहे हैं कि हार रहे हैं. वे समझौता करने की गुहार लगा रहे हैं.”
पेज़ेश्कियान ने लड़ाई रोकने के लिए रखी शर्तें
इमेज स्रोत, Fatemeh Bahrami/Anadolu via Getty Images
इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि अमेरिका और इसराइल के साथ जारी युद्ध को ख़त्म करने के लिए ईरान के पास “ज़रूरी इच्छाशक्ति” है, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी की जाएँ.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक़ पेज़ेश्कियान ने यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ हुए एक फ़ोन कॉल में ये बात कही.
पेज़ेश्कियान के मुताबिक़ ईरान को इस बात की अनिवार्य गारंटी मिलनी चाहिए कि भविष्य में उस पर किसी तरह की आक्रामक कार्रवाई ना हो.
उन्होंने कहा, “हमने कभी भी तनाव या युद्ध की कोशिश नहीं की. स्थिति को सामान्य बनाने का समाधान यही है कि हमारे ख़िलाफ़ हो रहे आक्रामक हमले रोके जाएँ.”
अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी
इमेज स्रोत, EPA/Shutterstock
वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मिडिल ईस्ट में काम कर रही 18 कंपनियों को चेतावनी दी है कि वो जल्द अपने दफ़्तर ख़ाली कर दें वर्ना वो उन्हें निशाना बनाएँगे.
आईआरजीसी के मुताबिक़ उनकी ये चेतावनी तेहरान के स्थानीय समयानुसार बुधवार रात आठ बजे से लागू हो चुकी है. यह जानकारी कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में भी सामने आई है.
रिवोल्यूशनी गार्ड के मुताबिक़ ये अमेरिकी टेक कंपनियाँ अमेरिका और इसराइल के हमलों में उनकी मदद कर रही हैं और उनके टारगेट्स को ट्रैक कर रही हैं.
सूची में दुनिया की सबसे बड़ी और अमीर कंपनियाँ शामिल हैं, जैसे माइक्रोसॉफ़्ट, एप्पल, गूगल, मेटा, टेस्ला और एनवीडिया.
इसके अलावा सिसको, इंटेल, ओरेकल, आईबीएम, जनरल इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है.
आईआरजीसी ने बयान में कहा है, “हम इनके कर्मचारियों को सलाह देते हैं कि वे अपनी जान की सुरक्षा के लिए तुरंत अपने दफ़्तर ख़ाली कर दें.”
साथ ही चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व के सभी देशों में इन ‘आतंकवादी संगठनों’ के आसपास रहने वाले लोग भी एक किलोमीटर के दायरे से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएँ.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
शॉर्ट वीडियो
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
-

01:24
वीडियो, गैस सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े लोग क्या बोले, अवधि 1,24
-

01:28
वीडियो, ‘रुपये में गिरावट’ से जुड़े सवाल पर बोलीं निर्मला सीतारमण, अवधि 1,28
-

01:01
वीडियो, बिहार में भगदड़, कई हताहत, अवधि 1,01
-

01:00
वीडियो, ईरान की मदद के लिए बच्ची ने तोड़ा गुल्लक, अवधि 1,00
-

00:55
वीडियो, ईरान-अमेरिका का मध्यस्थ बनेगा पाकिस्तान, अवधि 0,55
-

01:27
वीडियो, पंच अब अकेला नहीं रहा, मिल गए हैं नए साथी, अवधि 1,27
-

01:10
वीडियो, प्लेटिपस: इन वजहों से कहा जाता है दुनिया का सबसे अजीबोग़रीब जानवर, अवधि 1,10
-

01:28
वीडियो, वो 10 सेकेंड जब सूर्या और विराट एक दूसरे को घूरते रहे, अवधि 1,28
-

01:23
वीडियो, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ ‘नो किंग्स’ रैली, अवधि 1,23
-

00:31
वीडियो, बेलारूस के राष्ट्रपति ने किम जोंग उन को तोहफे में दी राइफ़ल, अवधि 0,31
-

01:24
वीडियो, ट्रंप ने जब स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को कहा स्ट्रेट ऑफ़ ट्रंप, अवधि 1,24
-

00:57
वीडियो, वो चर्च जहां अपना बैलेंस परखने आते हैं लोग, अवधि 0,57
-

01:29
वीडियो, क्या महिला मतदाताओं को लुभा पाएंगे हिमंत, अवधि 1,29
-

00:40
वीडियो, कुएं में गिरे तेंदुए यूं बचाया, अवधि 0,40
-

00:53
वीडियो, इन देशों के लिए खुला होर्मुज़ स्ट्रेट, अवधि 0,53
-

01:06
वीडियो, बस हादसे में गई 14 लोगों की जान, अवधि 1,06
-

00:30
वीडियो, डील के लिए बेताब है ईरान- ट्रंप, अवधि 0,30
-

01:17
वीडियो, गुजरात में पेट्रोल के लिए लंबी लाइनें, अवधि 1,17
-

01:13
वीडियो, ‘हम बमों से बातचीत करते हैं’, अवधि 1,13
-

01:21
वीडियो, बिक गई आरसीबी टीम, अवधि 1,21
SOURCE : BBC NEWS























