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अडानी की इस कंपनी को मिला बड़ा ऑर्डर, कल फोकस में रह सकते हैं शेयर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कंपनी ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित 25 वर्षीय बिजली आपूर्ति समझौते (पीएसए) के तहत आपूर्ति वित्त वर्ष 2030-31 से शुरू होगी। अब बता दें कि कल सोमवार को अडानी पावर के शेयर फोकस में रह सकते है। इसका शुक्रवार का बंद प्राइस 147.52 रुपये है।

Adani Power: अडानी पावर ने रविवार को बताया कि उसे महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) से 1,600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति के लिए ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ (एलओए) मिला है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित 25 वर्षीय बिजली आपूर्ति समझौते (पीएसए) के तहत आपूर्ति वित्त वर्ष 2030-31 से शुरू होगी। अब बता दें कि कल सोमवार को अडानी पावर के शेयर फोकस में रह सकते है। इसका शुक्रवार का बंद प्राइस 147.52 रुपये है।

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कंपनी ने क्या कहा

अडानी पावर के सीईओ एस बी ख्यालिया ने बयान में कहा, ”एमएसईडीसीएल का यह एलओए अदाणी पावर की लागत संरचना की प्रतिस्पर्धात्मकता, भरोसेमंद बिजली प्रदान करने की हमारी क्षमता और दीर्घकालिक साझेदारी के माध्यम से भारत की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” इसके साथ ही अदाणी पावर ने अब अपनी निर्माणाधीन 23.8 गीगावाट की क्षमता में से 13.3 गीगावाट के लिए दीर्घकालिक पीएसए (पीएसए) हासिल कर लिए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने 10,400 मेगावाट की कुल क्षमता के साथ पांच दीर्घकालिक पीएसए बोलियां जीती हैं।

क्या है डिटेल

निजी क्षेत्र की बिजली उत्पादक कंपनी अडानी पावर लि. (एपीएल) ने रविवार को बताया कि उसे महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लि ( एमएसईडीसीएल) से 1,600 मेगावाट बिजली की आपूर्ति का अनुबंध-पत्र (एलओए) प्राप्त हुआ है। कंपनी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि वह यह बिजली अपनी कुछ निर्माणाधीन अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजनाओं में एक से देगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसे एमएसईडीसीएल यह अनुबंध एक काफी प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया में सफलता के बाद मिला है, जिसमें कंपनी ने सबसे कम दर पर बिजली देने की बोलीदाता थी। कंपनी ने 5.30 रुपये प्रति यूनिट की दर की बोली के आधार पर यह अनुबंध हासिल किया है।

यह एक 25-वर्षीय बिजली आपूर्ति समझौता ( पीएसए) होगा और आपूर्ति 2030-31 से शुरू की जाएगी। एपीएल के सीईओ एबी खियाली ने ने कहा, “यह अनुबंध अडानी पावर की लागत संरचना की प्रतिस्पर्धात्मकता, भरोसेमंद बेसलोड बिजली प्रदान करने की हमारी क्षमता और भारत की बढ़ती बिजली आवश्यकताओं को दीर्घकालिक साझेदारी के माध्यम से पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।” कंपनी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि अडानी पावर ने अब अपने 23800 मेगवाट की अपनी निर्माणाधीन परियोजनाओं में से 13300 मेगावाट के लिए दीर्घकालिक बिजली आपूर्ति समझौते (पीएसए) सुनिश्चित कर लिए हैं।

दिसंबर तिमाही के नतीजे

अडानी पावर का चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में एकीकृत शुद्ध लाभ 15 प्रतिशत से अधिक गिरकर 2,488 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने मुनाफे में इस कमी का मुख्य कारण पिछली अवधि की एकमुश्त आय का कम होना बताया है। कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ (पीएटी) 2,488 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में यह 2,940 करोड़ रुपये था।’’ आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी का कुल राजस्व 12,717 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 13,434 करोड़ रुपये था। कंपनी के अनुसार, कम दरों और अन्य आय में कमी के बावजूद यह प्रदर्शन रहा। मानसून के जल्दी आने और लंबे समय तक रहने के कारण मांग में आए व्यवधान के बावजूद, कंपनी की बिजली बिक्री की मात्रा 23.6 अरब यूनिट (बीयू) रही। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 23.3 अरब यूनिट था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN